### CC Adi 4.32

> এই সব রসনির্যাস করিব আস্বাদ ।\
> এই দ্বারে করিব সব ভক্তেরে প্রসাদ ॥৩২॥

> ei saba rasa-niryāsa kariba āsvāda\
> ei dvāre kariba saba bhaktere prasāda

*एइ*—इन; *सब*—समस्त; *रस-निर्यास*—रसों के सार का; *करिब*—मैं करूँगा; *आस्वाद*—आस्वादन; *एइ द्वारे*—इसके द्वारा; *करिब*—मैं करूँगा; *सब*—समस्त; *भक्तेरे*—भक्तों पर; *प्रसाद*—कृपा।

**"मैं इन समस्त रसों के सार का आस्वादन करूँगा, और इस प्रकार समस्त भक्तों पर कृपा करूँगा।**
