### CC Adi 5.230

> সে বৈষ্ণবের পদরেণু, তার পদছায়া ।\
> অধমেরে দিল প্রভু-নিত্যানন্দ-দয়া ॥২৩০॥

> se vaiṣṇavera pada-reṇu, tāra pada-chāyā\
> adhamere dila prabhu-nityānanda-dayā

*से वैष्णवेर*—उन समस्त वैष्णवों के; *पद-रेणु*—चरण-धूलि; *तार*—उनकी; *पद-छाया*—चरणों की छाया; *अधमेरे*—इस पतित जीव को; *दिल*—प्रदान की; *प्रभु-नित्यानन्द-दया*—भगवान् नित्यानन्द प्रभु की कृपा।

**भगवान् नित्यानन्द की कृपा से इस पतित जीव को वैष्णवों के चरणकमलों की धूलि एवं छाया प्रदान की गई है।**
