### CC Adi 15.30

> শচীর ইঙ্গিতে সম্বন্ধ করিল ঘটন ।\
> লক্ষ্মীকে বিবাহ কৈল শচীর নন্দন ॥৩০॥

> śacīra iṅgite sambandha karila ghaṭana\
> lakṣmīke vivāha kaila śacīra nandana

*शचीर इङ्गिते*—माता शची के संकेत से; *सम्बन्ध*—सम्बन्ध; *करिल*—किया; *घटन*—सम्भव; *लक्ष्मीके*—लक्ष्मीदेवी से; *विवाह*—विवाह; *कैल*—सम्पन्न किया; *शचीर नन्दन*—माता शची के पुत्र ने।

**शचीदेवी के संकेतों के अनुसार वनमाली घटक ने विवाह की व्यवस्था की, और इस प्रकार यथासमय भगवान् ने लक्ष्मीदेवी से विवाह किया।**
