### CC Antya 2.100

> লজ্জা-ভয় পাঞা আচার্য মৌন হইলা ।\
> আর দিন গোপালেরে দেশে পাঠাইলা ॥১০০॥

> lajjā-bhaya pāñā ācārya mauna ha-ilā\
> āra dina gopālere deśe pāṭhāilā

*लज्जा-भय*—भय तथा लज्जा; *पाञा*—पाकर; *आचार्य*—भगवान् आचार्य; *मौन ह-इला*—मौन हो गये; *आर दिन*—अगले दिन; *गोपालेरे*—गोपाल भट्टाचार्य को; *देशे*—अपने देश; *पाठाइला*—भेज दिया।

**इस प्रकार भगवान् आचार्य अत्यन्त लज्जित तथा भयभीत होकर मौन रह गये। अगले दिन उन्होंने गोपाल भट्टाचार्य से अपने प्रदेश लौट जाने को कहा।**
